बहुचर्चित हरिनंदन अपहरण-हत्या मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 10 आरोपी जेल भेजे गए
सूरजपुर/प्रतापपुर। प्रतापपुर थाना क्षेत्र में हुए अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों को दोबारा न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायालय प्रतापपुर ने पुलिस की पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए पहले जारी रिहाई के आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके बाद आरोपियों को 20 अगस्त 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
दरअसल, 24 जुलाई 2026 को ग्राम गोंदा निवासी सम्पतिया पति राजेन्द्र सूर्यवंशी ने थाना प्रतापपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 23 जुलाई की रात करीब 9 बजे ग्राम केंवरा निवासी ललित राजवाड़े, सकल राजवाड़े, चंदन कसेरा समेत अन्य लोग मोटरसाइकिल से उसके घर पहुंचे। आरोप है कि सभी लोग घर में घुसकर हरिनन्दन राजवाड़े के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने लगे।
परिजनों द्वारा बचाने का प्रयास किए जाने के बावजूद आरोपी कथित तौर पर हरिनन्दन को घर से बाहर खींचकर ले गए और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उसे मोटरसाइकिल से अपने साथ ले गए। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 को दी गई। परिजन भी आरोपियों का पीछा करते हुए भैंसामुड़ा की ओर पहुंचे।
बताया गया कि भैंसामुड़ा के केंवरा चौक के पास हरिनन्दन गंभीर हालत में मिला, जबकि आरोपी वहां से फरार हो चुके थे। उसे तत्काल प्रतापपुर अस्पताल ले जाया गया। मामले में थाना प्रतापपुर में अपराध क्रमांक 211/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत विवेचना शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक सूरजपुर योगेश कुमार पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। विवेचना के दौरान पुलिस ने प्रार्थी और गवाहों के बयान, घटनास्थल निरीक्षण, मर्ग इंटीमेशन सहित अन्य साक्ष्य जुटाए।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 27 जुलाई 2026 को 10 आरोपियों—ललित राजवाड़े, सकल प्रसाद, आशुतोष राजवाड़े, शिवम कुमार राजवाड़े, रजय गुप्ता, भुनेश्वर प्रसाद राजवाड़े, सुनील राजवाड़े, शिव कुमार राजवाड़े, राजू उर्फ सतीश राजवाड़े और मनोज कुमार राजवाड़े—को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में प्रार्थिया द्वारा आरोपियों की पहचान कराई गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा वारदात में शामिल होना स्वीकार किए जाने की बात पुलिस ने कही है। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तीन डंडे और चार मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजने के लिए प्रतापपुर न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। हालांकि, न्यायालय ने उस समय रिमांड आवेदन खारिज करते हुए आरोपियों को 50-50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया था।
इस आदेश के खिलाफ थाना प्रतापपुर पुलिस ने जिला अभियोजन अधिकारी के मार्गदर्शन में पुनरीक्षण याचिका जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रतापपुर के न्यायालय में दाखिल की। न्यायालय ने पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए 27 जुलाई को पारित पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया।
इसके बाद पुलिस ने 6 अगस्त 2026 को आरोपियों के न्यायिक रिमांड के लिए पुनः प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए सभी 10 आरोपियों को 20 अगस्त 2026 तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया।
पुलिस के मुताबिक, मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
