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बरसात शुरू होते ही अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, मेंटेनेंस के दावों पर उठे सवाल

सूरजपुर/बसदेई- बरसात की शुरुआत के साथ ही ग्राम पंचायत बसदेई और आसपास के क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से लगभग हर दूसरे दिन आधी रात के बाद बसदेई फीडर की बिजली अचानक बंद हो जाती है, जो कई घंटों तक बहाल नहीं होती। बिजली विभाग की ओर से हर बार 33 केवी लाइन में फॉल्ट होने की बात कही जाती है, लेकिन लगातार एक जैसी समस्या सामने आने से विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि गर्मी के मौसम में बिजली विभाग द्वारा कई बार मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली बंद रखी जाती है। उस समय यह दावा किया जाता है कि बरसात के दौरान बिजली आपूर्ति सुचारू रखने के लिए लाइनों और उपकरणों का रखरखाव किया जा रहा है। लेकिन जैसे ही बारिश शुरू हुई, बिना किसी तेज आंधी या तूफान के भी आए दिन फीडर बंद होने लगे। इससे ग्रामीणों का कहना है कि मेंटेनेंस केवल कागजों तक सीमित रहा और जमीनी स्तर पर व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया। अघोषित बिजली कटौती का सबसे अधिक असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है। सुबह के समय बिजली नहीं रहने से पेयजल आपूर्ति बाधित हो जाती है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। खेतों में लगे मोटर पंप समय पर नहीं चल पा रहे हैं, जिससे किसानों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं छोटे दुकानदारों और व्यवसायियों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।

बिजली संकट का असर विद्यार्थियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सुबह के समय बिजली नहीं रहने से बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई, मोबाइल चार्जिंग और अन्य आवश्यक कार्य नहीं कर पा रहे हैं। कई विद्यार्थियों को आज भी मोमबत्ती या टॉर्च की रोशनी में पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब देश डिजिटल युग की ओर बढ़ रहा है, तब भी गांवों में बुनियादी बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है।

ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत भी दर्ज कराई गई, लेकिन शिकायत के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। बिजली आपूर्ति पहले की तरह ही अनियमित बनी हुई है और विभाग की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि बसदेई फीडर की तकनीकी जांच कर बार-बार होने वाले फॉल्ट का स्थायी समाधान किया जाए। साथ ही बरसात के मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

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