गोंड आदिवासी समाज ने पारंपरिक रीति-रिवाज से श्रद्धापूर्वक मनाई सरना पूजा

सूरजपुर/प्रतापपुर। जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत धोंधा स्थित देवगुड़ी परिसर में गोंड आदिवासी समाज द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज एवं धार्मिक आस्था के साथ सरना पूजा का आयोजन किया गया।
इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शामिल होकर प्रकृति, धरती माता तथा ग्राम देवी-देवताओं की आराधना की और गांव की सुख-समृद्धि, अच्छी फसल तथा सभी के मंगल की कामना की।
सरना पूजा आदिवासी समाज की प्राचीन धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पूजा के दौरान समाज के बैंगा, गुनिया एवं पुजारी ने पारंपरिक विधि-विधान से देवगुड़ी में पूजा-अर्चना संपन्न कराई। गोंड समाज में बड़ा देव और बूढ़ा देव के प्रति विशेष आस्था व्यक्त की गई। ग्रामीणों ने बताया कि सरना स्थल गांव के बाहर स्थित पवित्र वृक्षों का समूह होता है, जहां विशेष रूप से साल के वृक्ष को अत्यंत पवित्र माना जाता है। यही स्थान आदिवासी समाज के रक्षक देवी-देवताओं का निवास स्थल माना जाता है।
पूजा के दौरान समाज के लोगों ने प्रकृति संरक्षण, सामाजिक एकता और अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश भी दिया। आयोजन में पारंपरिक वेशभूषा और धार्मिक अनुष्ठानों ने आदिवासी संस्कृति की समृद्ध परंपरा को जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर राजपाल नेताम, सुखदेव, सीताराम, सनमान, रामकिशन, बलराज, राजकुमार मरकाम, रामप्रकाश नेताम, सत्यम मरकाम, सुनील सिंह, गोपाल, राजमोहन, रामवृक्ष, राजेंद्र सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
