सात सूत्रीय मांगों को लेकर शिवसेना (शिंदे गुट) ने राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
सूरजपुर/ शिवसेना (शिंदे गुट) के जिला अध्यक्ष हेमंत महंत के नेतृत्व में सोमवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सूरजपुर कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम जिलाधीश को सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जिले से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक, राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं धान खरीदी व्यवस्था से जुड़े मामलों में जांच और कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि नगर पालिका सूरजपुर क्षेत्र में पिछले 50 से 60 वर्षों से शासकीय भूमि पर निवास कर रहे गरीब किसान एवं मजदूर परिवारों को शीघ्र पट्टा प्रदान किया जाए। साथ ही बाहरी लोगों द्वारा शासकीय भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
शिवसेना ने जिले में कथित भू-माफियाओं की गतिविधियों पर रोक लगाने, बिना सक्षम अनुमति के होने वाली रजिस्ट्री पर नियंत्रण तथा भूमि संबंधी मामलों की जांच की भी मांग उठाई। इसके अलावा धान खरीदी केंद्रों में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए खरीदी प्रभारियों, कंप्यूटर ऑपरेटरों एवं बारदाना प्रभारियों के स्थानांतरण तथा सूरजपुर, जयनगर, चंदननगर, शिवप्रसादनगर और सिलफिली की समितियों में धान खरीदी से जुड़े मामलों की जांच कराने की मांग की गई।
ज्ञापन में महिला एवं बाल विकास विभाग के बाल कल्याण समिति से जुड़े एक अधिकारी मनोज जायसवाल की नियुक्ति और उनके ऊपर पूर्व में रहे अपराधिक प्रकरण की सत्यापन की जांच कराने की भी मांग की गई।
वहीं कलेक्टर कार्यालय सहित जिला पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील,शिक्षा विभाग एवं वन विभाग में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों का स्थानांतरण कर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की मांग रखी गई।
जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को लेकर भी संगठन ने सवाल उठाए। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ चिकित्सक निजी क्लीनिक संचालित कर रहे हैं, जिससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं।
संगठन ने अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा अस्पताल में उपलब्ध सोनोग्राफी एवं अन्य चिकित्सा उपकरणों का आम नागरिकों के उपचार के लिए प्रभावी उपयोग करने की मांग की।
इसके अलावा वर्ष 2005 से 2007 के दौरान हुई शिक्षा कर्मी वर्ग-1 एवं वर्ग-2 की नियुक्तियों की जांच कर फर्जी नियुक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई।
ज्ञापन के अंत में शिवसेना (शिंदे गुट) ने सभी मांगों पर गंभीरता से निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा आम नागरिकों को न्याय दिलाने की अपील की। इस दौरान संगठन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

