युवक की हत्या कर करंट से मौत दिखाने का आरोप, दिव्यांग पिता ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
सूरजपुर/ जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम कोट में 20 वर्षीय युवक की मौत का मामला अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। मृतक के दिव्यांग पिता ने इस मौत को हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या बताते हुए पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच और हत्या का अपराध दर्ज करने की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले में मर्ग कायम कर विवेचना की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मृतक के पिता अमरसाय, उम्र लगभग 60 वर्ष, निवासी ग्राम कोट ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि 22 जून 2026 की रात उनका 20 वर्षीय पुत्र भीम सिंह घर के बाहर खड़ा था। इसी दौरान गांव का एक युवक मोटरसाइकिल से पहुंचा और उसके साथ विवाद करते हुए मारपीट करने लगा। शोर सुनकर एक अन्य व्यक्ति भी मौके पर पहुंच गया। शिकायत के अनुसार दोनों ने मिलकर भीम सिंह के साथ मारपीट की और बाद में उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर गांव के ही एक तीसरे व्यक्ति के घर ले गए।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि वहां लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद घटना को छिपाने के उद्देश्य से करंट लगने से मौत होने का रूप देने की कोशिश की गई।
पीड़ित पिता का कहना है कि वे वृद्ध और दिव्यांग हैं। उन्होंने 25 जून को थाना सूरजपुर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने की बात कहते हुए एफआईआर दर्ज नहीं की। उनका आरोप है कि अब तक किसी भी आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे गांव को घटना की जानकारी है और यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
इधर पुलिस का कहना है कि युवक की मौत के मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। जानकारी के अनुसार जिस तार में मृतक का शव मिला, वह कथित रूप से झटका मशीन का कनेक्शन था। ऐसे में कई सवाल उठ रहे हैं—
क्या झटका मशीन के करंट से किसी व्यक्ति की मौत हो सकती है?
क्या इस करंट से किसी व्यक्ति के हाथ इतने गंभीर रूप से झुलस सकते हैं?
क्या झटका मशीन के तारों में सामान्य से अधिक या जानलेवा बिजली प्रवाहित की गई थी?
यदि तारों में जानलेवा करंट था, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी है और इसकी जांच कैसे की जा रही है?
इस संबंध में झटका मशीन से जुड़े एक विशेषज्ञ से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि सामान्य परिस्थितियों में झटका मशीन से किसी व्यक्ति की मौत होना या शरीर का कोई अंग गंभीर रूप से झुलस जाना संभव नहीं माना जाता।
हालांकि, यह एक सामान्य तकनीकी राय है और इस मामले में वास्तविक कारण का निर्धारण केवल वैज्ञानिक जांच, फॉरेंसिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही किया जा सकता है।
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच में शिकायतकर्ता के आरोपों की पुष्टि होती है तो मामला दुर्घटना से हत्या में बदल सकता है। वहीं यदि साक्ष्य कुछ और बताते हैं तो उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी
—————————————————————-

