अकीदत, अमन और भाईचारे के साथ संपन्न हुआ मोहर्रम का पर्व, निकले ताजिया जुलूस, कर्बला में हुआ समापन

सूरजपुर/ जिले में मोहर्रम के पर्व को पूरी अकीदत,और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत की याद में मुस्लिम समुदाय द्वारा सूरजपुर नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में ताजिया जुलूस निकाले गए। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था के साथ-साथ भाईचारे और सौहार्द का संदेश भी देखने को मिला।
नगर के मस्जिद पारा, महगांव, मानपुर सहित विभिन्न मोहल्लों से ताजिए पारंपरिक ढंग से निकाले गए। जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होकर नवापारा तक पहुंचा, जहां निर्धारित कार्यक्रम के बाद सभी ताजिए वापस कर्बला लाए गए और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका समापन किया गया।
मोहर्रम के अवसर पर युवाओं ने पारंपरिक हथियारों, लाठियों और अन्य युद्धक कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया। करतब देखने के लिए मार्गों पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी रही। युवाओं ने अनुशासन और परंपरा का परिचय देते हुए अपने हुनर का प्रदर्शन किया, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस मार्ग में कई सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए शरबत, पानी और अन्य पेय पदार्थों का वितरण किया गया। भीषण गर्मी के बीच सेवा कार्य में जुटे लोगों ने मानवता और सामाजिक एकता की मिसाल पेश की।
मोहर्रम पर्व को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा।
संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जुलूस के पूरे मार्ग पर पुलिस अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। प्रशासन की मुस्तैदी और आमजन के सहयोग से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
पूरे दिन नगर में धार्मिक आस्था, अनुशासन की झलक देखने को मिली। मोहर्रम का यह पर्व समाज में त्याग, बलिदान, इंसाफ और मानवता के संदेश को एक बार फिर जीवंत कर गया।
