रेत माफिया बेलगाम: बस्तियों के तंग रास्तों से धड़ल्ले से रेत परिवहन, हादसों का बढ़ा खतरा
सूरजपुर/ जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का खेल लगातार बेखौफ तरीके से जारी है। रेत माफिया प्रशासन की कार्रवाई से बचने के लिए मुख्य मार्गों के बजाय अब बस्तियों के तंग रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। दिन-रात तेज रफ्तार ट्रैक्टर इन संकरी गलियों से गुजर रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों की जान जोखिम में पड़ गई है।
वार्ड वासियों का आरोप है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं,धूल का गुबार उड़ रहा है और बच्चों, बुजुर्गों तथा राहगीरों को हमेशा दुर्घटना का डर बना रहता है। कई जगहों पर छोटे-बड़े हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।
लोगों का कहना है कि रेत माफिया खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, जबकि संबंधित विभाग और प्रशासन की कार्रवाई सवालों के घेरे में है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए तथा बस्तियों के भीतर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
कार्रवाई जारी, लेकिन रेत माफिया अब भी बेखौफ
प्रशासन समय-समय पर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। कई वाहनों की जब्ती और जुर्माने जैसी कार्रवाइयों के बावजूद रेत माफिया के हौसले कम होते नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में लगातार और प्रभावी निगरानी के साथ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि अवैध उत्खनन पर पूरी तरह रोक लग सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
