रोजगार के मुद्दे पर 24 जून से महामाया परियोजना प्रभावितों का अनिश्चितकालीन धरना और चक्काजाम
सूरजपुर/भटगांव:– महामाया खुली खदान परियोजना से प्रभावित भू-स्वामियों और ग्रामीणों ने रोजगार की मांग को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। लंबे समय से लंबित रोजगार मामलों के निराकरण की मांग कर रहे प्रभावित परिवारों ने एसईसीएल भटगांव प्रबंधन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए 24 जून से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम आंदोलन की घोषणा की है।
परियोजना प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्होंने पूर्व में महाप्रबंधक, एसईसीएल भटगांव क्षेत्र को आवेदन एवं ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान के लिए सात दिनों का समय दिया था, लेकिन निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी प्रबंधन की ओर से कोई ठोस एवं संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई। इससे प्रभावित परिवारों में भारी आक्रोश और असंतोष व्याप्त है।
प्रभावितों द्वारा सौंपे गए पत्र में मांग की गई है कि महामाया खुली खदान परियोजना के अंतर्गत लंबित रोजगार प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए तथा सभी पात्र परियोजना प्रभावित परिवारों को समान नियम एवं नीति के तहत रोजगार प्रदान किया जाए। उनका आरोप है कि कई परिवार वर्षों से रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि कुछ मामलों में चयन प्रक्रिया और नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर तत्काल न्यायोचित निर्णय नहीं लिया गया तो 24 जून 2026, बुधवार को सुबह 9 बजे से एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने तथा जरही-भटगांव मुख्य मार्ग पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन एवं चक्काजाम शुरू किया जाएगा। यह आंदोलन मांगों के पूर्ण निराकरण तक जारी रहेगा।
प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें लगातार आश्वासन तो दिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी पहल नहीं हुई। इसी कारण अब वे लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने को मजबूर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, संवैधानिक और लोकतांत्रिक दायरे में आयोजित किया जाएगा।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि आंदोलन के दौरान यदि आवागमन, कोयला उत्पादन, परिवहन या कार्यालयीन कार्य प्रभावित होते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल भटगांव प्रबंधन की होगी, क्योंकि समस्याओं के समाधान के लिए पूर्व में पर्याप्त अवसर और समय दिया जा चुका है।
आंदोलन की सूचना कलेक्टर सूरजपुर, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम एवं एसडीओपी प्रतापपुर, तहसीलदार, थाना प्रभारी भटगांव सहित एसईसीएल और कोल इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई है। प्रभावित परिवारों ने अंतिम बार प्रबंधन से मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर उचित निर्णय लेने की अपील की है, ताकि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न न हो और विवाद का समाधान सौहार्दपूर्ण ढंग से हो सके।
