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छत्तीसगढ़ के शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखने की मांग : टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

सूरजपुर – टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केदार जैन,मनीष मिश्रा एवं रविंद्र राठौर के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देवसाय तथा शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव के नाम कलेक्टर कार्यालय सूरजपुर के माध्यम से एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में वर्ष 2010 से पूर्व एवं पश्चात नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करने तथा उनके हितों की रक्षा हेतु आवश्यक एवं ठोस कदम उठाने की मांग की गई है।

फेडरेशन ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा दिनांक 23 अगस्त 2010 को जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के अंतर्गत केवल नई नियुक्तियों के लिए ही शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य की गई थी। अधिसूचना के बिंदु क्रमांक 4 में स्पष्ट उल्लेख है कि पूर्व से कार्यरत शिक्षकों के लिए यह परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य नहीं है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि दिनांक 1 सितंबर 2025 को माननीय भारत का सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के संदर्भ में अब तक भारत सरकार अथवा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा कोई स्पष्ट अनुपालन आदेश जारी नहीं किया गया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, केरल, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों द्वारा दायर लगभग 45 पुनर्विचार याचिकाएँ सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन हैं।

फेडरेशन की प्रमुख मांगें इस प्रकार है:-

शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा दिनांक 17 अगस्त 2012 को जारी राजपत्र के अनुरूप पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए। अन्य राज्यों की तर्ज पर स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भी शिक्षकों के हित में माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की जाए। जब तक पुनर्विचार याचिकाओं का अंतिम निराकरण नहीं हो जाता तथा भारत सरकार का स्पष्ट अनुपालन आदेश जारी नहीं होता, तब तक राज्य में विशेषकर वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू न की जाए।

फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार को उन हजारों अनुभवी शिक्षकों के हितों की रक्षा करनी चाहिए, जो वर्षों से शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव बने हुए हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के संभाग अध्यक्ष राकेश शुक्ला, जिला सचिव राधेश्याम साहू,जिला प्रवक्ता मनोज कुशवाहा, छ.ग. हेडमास्टर फेडरेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष निर्मल भट्टाचार्य,सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विजय साहू, सर्व शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गोपाल विश्वकर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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