20260105_213213-COLLAGE

केतका जंगल में अवैध उत्खनन, देवीपुर प्रदूषण की गिरफ्त में, शिवसेना ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

सूरजपुर:– जिला मुख्यालय से महज 7 किलोमीटर दूर स्थित आदिवासी बहुल ग्राम देवीपुर इन दिनों गंभीर पर्यावरणीय संकट और प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बनता जा रहा है। गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण—तीनों ही मोर्चों पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

स्कूल परिसर में ट्रांसफार्मर, बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़

ग्राम देवीपुर स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, जहां प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं अध्ययन करने पहुंचते हैं, उसी विद्यालय परिसर के ग्राउंड में विद्युत ट्रांसफार्मर लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है, लेकिन अब तक इसे हटाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

200 मीटर की दूरी पर दर्जनों क्रेशर, धूल-शोर में घिरी पढ़ाई

विद्यालय से लगभग 200 मीटर की दूरी पर एक नहीं बल्कि दर्जनों गिट्टी क्रेशर प्लांट संचालित हैं। स्कूल तक पहुंचने वाला रास्ता इन्हीं क्रेशर प्लांटों से होकर गुजरता है, जहां दिन-रात ट्रैक्टर और भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। इससे पूरे क्षेत्र में अत्यधिक धूल, प्रदूषण और शोर फैल रहा है, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

दमा और सांस की बीमारियां बढ़ने का दावा

शिवसेना जिला प्रमुख विष्णु वैष्णव ने बताया कि लगातार फैल रहे प्रदूषण के कारण गांव के बच्चों और ग्रामीणों में दमा, सांस संबंधी रोग, आंखों में जलन और त्वचा रोग जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।

केतका जंगल में बड़े पैमाने पर उत्खनन

मामला केवल क्रेशर संचालन तक सीमित नहीं है। ग्राम देवीपुर से सटे केतका जंगल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर उत्खनन किए जाने के आरोप हैं। जंगल की भूमि पर भारी मशीनें चलने से पेड़ों की कटाई हो रही है और वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है। इससे पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने की आशंका गहराती जा रही है। सवाल उठ रहा है कि जंगल क्षेत्र में उत्खनन की अनुमति किस आधार पर दी गई और क्या सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।

क्रेशर संचालन में प्रभावशाली लोग

गांव में अधिकांशतः आदिवासी एवं मूल निवासी परिवार निवास करते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध उत्खनन और क्रेशर संचालन से जुड़े लोग प्रभावशाली है, जिससे वे खुलकर विरोध नहीं कर पाते। वहीं यह भी चर्चा है कि इस पूरे मामले में पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक कुछ अधिकारी और जनप्रतिनिधि आर्थिक लाभ उठा रहे हैं।

शिवसेना की मांग: जांच और सख्त कार्रवाई

शिवसेना इकाई (उद्धव गुट) ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि स्कूल परिसर से तत्काल विद्युत ट्रांसफार्मर हटाया जाए
क्रेशर प्लांटों और उत्खनन कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
शिवसेना ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कदम नहीं उठाए, तो देवीपुर क्षेत्र आने वाले समय में गंभीर स्वास्थ्य और पर्यावरणीय आपदा की ओर बढ़ सकता है।

ज्ञापन सौंपने में ये रहे शामिल

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला प्रमुख विष्णु वैष्णव, ग्रामीण जिला प्रमुख हेमंत कुमार महंत, ब्लॉक प्रमुख मोहन सिंह टेकाम, महिला जिला अध्यक्ष पिंकी पटेल, बालकुंवर राजवाड़े, रजनी सिंह सहित अन्य शिवसैनिक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!