एसीबी की कार्रवाई में केवल लिपिकों को प्रताड़ित करने का आरोप, अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग
सूरजपुर/ एंटी-करप्शन ब्यूरो द्वारा क्लर्कों के खिलाफ लगातार की जा रही कार्रवाइयों पर प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ सूरजपुर द्वारा आपत्ति जताई जा रही है,संघ के अनुसार:-
ये कार्रवाई सिर्फ छोटे पदों पर बैठे कर्मचारियों तक सीमित क्यों हैं?
बड़े अधिकारी को जांच के दायरे में शामिल क्यों नहीं किया जाता है?
रिश्वतखोरी के मामलों में व्यापक और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठ रही है.
प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ सूरजपुर के अध्यक्ष इकबाल अंसारी,और जिला सचिव वेद प्रकाश मेहता ने कलेक्टर को ज्ञापन दिया और बताया कि अभी हाल ही में जिला-सूरजपुर अन्तर्गत एन्टी करप्शन ब्यूरो द्वारा की जा रही कार्यवाही में यह परिलक्षित हो रहा है कि,संबंधित प्रकरणों में केवल लिपिक वर्ग के कर्मचारियों को ही जांच एवं कार्यवाही का केन्द्र बनाया जा रहा है। जबकि प्रकरण से जुड़े अन्य उत्तरदायी अधिकारीगण की भूमिका की समुचित जांच नहीं की जा रही है।
यह सर्वविदित है कि, किसी भी शासकीय कार्य में निर्णय प्रक्रिया बहु-स्तरीय होती है, जिसमें संबंधित शाखा प्रभारी,कार्यालय प्रमुख एवं सक्षम स्वीकृति अधिकारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसी स्थिति में केवल अधीनस्थ कर्मचारियों पर कार्यवाही किया जाना न्यायसंगत प्रतीत नही होता, एवं इससे वास्तविक दोषियों के चिन्हांकन में भी बाधा उत्पन्न होती है।
प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ कि मांग है कि उक्त प्रकरण की सूक्ष्म, निष्पक्ष एवं समग्र जांच कराई जाए, ताकि सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन हो सके तथा प्रकरण में विधि एवं नियमों के अनुरूप न्यायोचित कार्यवाही हो।
