जनपद पंचायत ओडगी सीईओ पर मनमानी, अनुचित मांग एवं पंचायतों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव डालने का आरोप
सूरजपुर/विकासखण्ड ओडगी के सरपंच संघ ने जनपद सीईओ पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
सरपंच संघ का आरोप:-
जनपद पंचायत ओडगी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा पंचायतों को बिना किसी प्रस्ताव, अनुमोदन या सरपंचों की सहमति के मनमाने तरीके से फरमान जारी किए जा रहे हैं, जिससे पंचायतों के नियमित कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
सीईओ द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत से रू. 5800 की राशि सचिवों के माध्यम से अनिवार्य रूप से जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा है।
जबकि -पंचायतों में सरपंच ही ग्राम सरकार का प्रमुख होता है, किसी भी प्रकार की सहयोग राशि या व्यय की मांग सरपंचों की सहमति, प्रस्ताव एवं ग्रामसभा की जानकारी में ही होनी चाहिए। यह प्रक्रिया पंचायत राज अधिनियम की मूल आत्मा के विपरीत है।
जनपद स्तर पर स्वीकृत कामों में कमीशन खोरी का आरोप
ज्ञापन में आगे कहा गया है कि जनपद स्तर पर स्वीकृत होने वाले कार्यों के लिए 5% से 10% तक कमीशन की मांग बार-बार की जा रही है,जिससे पंचायतों के विकास कार्य रुक रहे हैं,शासन की योजनाएँ जमीन पर लागू नहीं हो पा रही हैं, प्रतिनिधियों ने ‘भारी असंतोष और भय का वातावरण है।
पंचायतों को पहले ही पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं हो पा रहा है जहाँ एक ओर ग्राम पंचायत में कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अतिरिक्त वसूली और दबाव से काम बिल्कुल ठप पड़ गया है। यह सीधे-सीधे पंचायत राज प्रणाली को कमजोर करने का प्रयास प्रतीत होता है।
सरपंच संघ की मांगें
जनपद सीईओ द्वारा हो रही कमीशन मांग की गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।
पंचायतों को शासन योजनाओं के तहत मिलने वाले बजट का समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए।
पंचायतों के कार्यों में जनप्रतिनिधियों-विशेषकर सरपंचों की सम्मति एवं प्रस्ताव को अनिवार्य माना जाए। . संघ ने समस्त शिकायतों की उच्च-स्तरीय निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।
ज्ञापन देने वालों में गजमोचन सिंह -अध्यक्ष सरपंच संघ,
तुलसी जायसवाल -उप सरपंच
जीतेन्द्र साकेत,कल्याण सिंह,रमेश, आदि मौजूद रहे।
