छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन संयुक्त कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा
सूरजपुर/छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने जिला स्तरीय ज्ञापन कार्यक्रम के तहत जिलाध्यक्ष भूपेश सिंह के नेतृत्व में तथा प्रान्तीय महामंत्री रंजय सिंह प्रांतीय प्रचार सचिव अजय प्रताप सिंह की मौजूदगी में
मुख्यमंत्री,मुख्य सचिव तथा शिक्षा सचिव के नाम संयुक्त कलेक्टर पुष्पेंद्र शर्मा को ज्ञापन सौंपा साथ ही संचालक लोक शिक्षण संचनालय छत्तीसगढ़ के नाम विभिन्न मांगों का ज्ञापन जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा को तथा इसी विषय वस्तु का मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन ब्लॉक अध्यक्ष चंद्रदेव चक्रधारी के नेतृत्व में विकासखंड शिक्षा अधिकारी सूरजपुर हरेंद्र सिंह को सौंपते हुए
शिक्षक एल बी संवर्ग के मांगो के निराकरण हेतु बात रखी गई है।
जिलाध्यक्ष भूपेश सिंह ने बताया है कि हमारी मांगों में 2012 के पूर्व सेवारत शिक्षकों के लिए टी ई टी परीक्षा से मुक्त रखने की पहल माननीय उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका प्रस्तुत किए जाने,प्रथम नियुक्ति तिथि से पुरानी पेंशन निर्धारित किए जाने, 33 वर्ष के स्थान पर 20 वर्ष अर्हकारी सेवा में पूर्ण पेंशन का प्रावधान किए जाने तथा सभी पात्र एल बी संवर्ग के शिक्षकों क्रमोन्नति/समयमान दिए जाने की मांग रखी है
ज्ञापन में प्रमुख मांगें:-
1. माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1 सितम्बर 2025 को पारित निर्णय जिसमें 5 वर्ष अधिक सेवा वाले शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किया गया है छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 17 अगस्त 2012 को जारी छत्तीसगढ़ राजपत्र शिक्षक पंचायत संवर्ग भर्ती तथा सेवा की शर्ते नियम 2012 के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किया गया है, इसके पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य नहीं था, अतः माननीय सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप/पुनर्विचार याचिका दायर कर 17 अगस्त 2012 के पूर्व नियुक्त सेवारत शिक्षकों के हितों की रक्षा करने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आवश्यक पहल करने
2. पेंशन निर्धारण हेतु सेवा अवधि की गणना संविलियन दिनांक 1 जुलाई 2018 से करने के कारण 2028 के पूर्व सेवानिवृत होने वाले एल०बी० ससंवर्ग के शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है. अतः पूर्व सेवा (प्रथम नियुक्ति) अवधि की गणना करते हुए समस्त शिक्षक एलबी संवर्ग के लिए पुरानी पेंशन निर्धारित करने
3. भारत सरकार द्वारा 2 सितंबर 2008 को उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा दिनांक 16 सितंबर 2009 को तथा उत्तराखंड सरकार द्वारा 29 अक्टूबर 2010 को आदेश जारी कर 33 वर्ष की अर्हकारी सेवा में पूर्ण पेंशन के स्थान पर 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा में पूर्ण पेंशन का प्रावधान किया गया है. सेवानिवृत होने पर छत्तीसगढ़ में 33 वर्ष की अर्हकारी सेवा में पूर्ण पेंशन का नियम है, अतः निवेदन है कि भारत सरकार, उत्तरप्रदेश एवं उत्तराखंड सरकार के समान 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा में पूर्ण पेंशन (अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत) का प्रावधान करने
4. माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा याचिका क्रमांक WA/261/2024 में डबल बैंच द्वारा पारित निर्णय दिनांक 28/02/2024 के तहत सभी पात्र एल०बी० संवर्ग के शिक्षकों के लिए क्रमोन्नति/समयमान का जनरल आर्डर जारी करने संबंधी ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग दोहराई है
ज्ञापन देने वाले शिक्षकों में अजय प्रताप सिंह,भूपेश सिंह, चंद्रविजय सिंह,पीतांबर मरावी ,अनिल चक्रधारी,घनश्याम सिंह, चंद्रदेव चक्रधारी,विजेंद्र साहू,राजेश्वर सिंह,मंजू टोप्पो ,ईश्वर प्रताप सिंह, मूंज कुमार पात्रे ,खेल साय सिंह, उमेश गुर्जर,रमेश जायसवाल,दोहन राम प्रजापति,खिलानंद सिंह, दुलेश्वर प्रताप सिंह,देवराम यादव, दयानंद राजवाड़े, विजय कुर्रे,विजेंद्र सिंह,प्रेमदास गुप्ता,शंभूनाथ मिंज,शिव कश्यप,राजेश सिंह,ज्वाला प्रसाद कुर्रे,टेक राम राजवाड़े,राजाराम साहू,महेंद्र राजवाड़े,अशोक शाक्य ,कैलाश सिंह,उमाकांत मिश्रा,लाल साय शांडिल्य,लखन राम राजवाड़े,प्रेम कुमार कुशवाहा ,
आदि शिक्षक शिक्षिका उपस्थित थे।
