जिला चिकित्सालय सूरजपुर में मना 26 वा विश्व दृष्टि दिवस ,
दृष्टि संबंधित समस्याओं के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए मनाया जाता है विश्व दृष्टि दिवस

सूरजपुर/ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर के .डी.पैंकरा के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय में 26वा विश्व दृष्टि दिवस मनाया गया l
इस अवसर पर मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन डॉक्टर तेरस कवर नेत्र सर्जन जिला चिकित्सालय सूरजपुर के द्वारा किया गया।इस बार विश्व दृष्टि दिवस 9 अक्टूबर को ‘अपनी आंखों से प्यार करें’ विषय पर मनाया जा रहा है.नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर तेरस कंवर का कहना है कि अपनी आंखों का ध्यान रखें; इनकी उपेक्षा करने से अंधापन हो सकता है. ‘मायोपिया’ (दूर की वस्तुओं को देखने में कठिनाई) से पीड़ित बच्चों की संख्या में लगातार होते इजाफे से युवा पीढ़ी के लिए चिंताएं बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा, ‘‘बुज़ुर्गों में मोतियाबिंद और ‘ग्लूकोमा’ आम समस्याएं हैं.बढ़ती डिजिटल निर्भरता बच्चों और वयस्कों दोनों की आंखों पर पड़ने वाले तनाव को बढ़ा रही है,नेत्र चिकित्सक 20-20-20 नियम का पालन करने की सलाह देते हैं जिसका मतलब होता है हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फुट दूर किसी चीज़ को देखें,साथ ही सभी ब्लॉक में विश्व दृष्टि दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है l

सहायक नोडल अधिकारी मुकेश राजवाड़े के द्वारा राष्टीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम के तहत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी देते हुये कहा कि अक्टूबर माह के दूसरे गुरुवार को यह दिवस धुंधली दृष्टि, अंधापन के साथ-साथ दृष्टि संबंधित समस्याओं के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए मनाया जा रहा है। भारत में नेत्र रोगों के प्रति आज भी सजगता और सतर्कता नहीं है और यही कारण है कि घर-घर में बच्चे से बुजुर्ग तक नेत्र रोगी मिल रहें । आँखों के स्वास्थ्य को बनाए रखना केवल एक व्यक्ति का ही कर्तव्य नहीं है बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
विश्व दृष्टि दिवस के उपलक्ष्य में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विश्रामपुर में श्यामलाल चौधरी, लटोरी में पुष्पराज वर्मा ,भैयाथान में अमित चौरसिया ,प्रतापपुर में एल पी दीपांकर, प्रेमनगर में सुरेंद्र सिंह, श्रीनगर में एस पी मिश्रा सभी नेत्र सहायक अधिकारी के द्वारा कैंप लगा कर नेत्र परीक्षण किया गया और अपने अपने खंड चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से वृद्धजनों को चश्मा वितरण किया गया इस अवसर पर नेत्र सहायक अधिकारी मुकेश राजवाड़े मारुति नंदन चक्रधारी प्रदीप कुजूर कृष्णा सिंह इमरान खान अमित सोनी ऋतु राज बेंजामिन दीपक गुप्ता योगेश साहू बी एन शर्मा स्टॉफ नर्स जयश्री चक्रवर्ती अंजिता खलखो,विद्यावती कुजूर शेषनारायण राजवाड़े, तरसीला ,संतोष का महत्वपूर्ण योगदान रहा
