*सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के शिक्षक एल.बी. संवर्ग की क्रमोन्नति का मार्ग किया प्रशस्त*
सूरजपुर/ सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब छ ग में कार्यरत सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति के निदान की आस जग गयी है। यह शिक्षक संवर्ग लम्बे समय से प्रदेश सरकार से वेतन विसंगति दूर करने की गुहार लगा रहे हैं। प्रदेश के सहायक शिक्षकों को सोना साहू क्रमोन्नत केस में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की ऒर से दायर एस एल पी को ख़ारिज कर दिया। शिक्षकों के हक़ में ऐतिहासिक फैसला आने के बाद शिक्षकों में हर्ष का माहौल है। छ. ग. सहायक शिक्षक /समग्र शिक्षक फेडरेशन के जिला मीडिया प्रभारी व पूर्व जिला कार्यकारी अध्यक्ष राकेश सेंकराज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों के हित में परिणाममूलक निर्णय दिया है। अब न्याय पालिका के निर्णय अनुसार राज्य सरकार को तत्काल क्रमोन्नत वेतनमान का आदेश जारी कर सरकार को ऐतिहासिक सौगात देना चाहिए। जो वादा सरकार ने मोदी की गारंटी में किया था आज उसको कानूनी रूप से पूरा करने का निर्णय सुप्रीम कोर्ट ने दे दिया। क्रमोन्नत वेतनमान देने से बचने के लिए पूर्व की सरकार भी बचते आयी थी। अब वर्तमान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एलपीसी दायर कर शिक्षकों को क्रमोन्नती नहीं देने के पक्ष को अपने अधिवक्ता के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश के समक्ष रखे,परन्तु सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के पक्ष को ख़ारिज कर शिक्षकों के हक़ में निर्णय दिया है, जिसका हम सभी स्वागत करते हैं। इस अवसर पर फेडरेशन सूरजपुर जिलाध्यक्ष विजय साहू ने कहा की सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हुए तत्काल क्रमोन्नत वेतन देने की घोषणा करनी चाहिए।
