एकदिवसीय धरना प्रदर्शन कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
सूरजपुर /जिले के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रदर्शनकारी अपनी लंबित मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर सूरजपुर कलेक्टर को ज्ञापन सोपा है उक्त मांगों में शासकीय कर्मचारी का दर्जा देने, वेतन बढ़ोतरी, आंगनबाडी कार्यकर्त्ता सहायिका को शासकीय कर्मचारी, घोषित करने सुपरवाइजर पद पर योग्यता अनुसार, नियुक्ति देने मोबाइल स्टोरेज बढ़ाने के मांग, की मांग की है एवं ट्रैकर ऍप मे हो रही असुविधा से हितग्राही सेवाओं से वंचित हो रहें है, जिस पर ध्यान देने की जरूरत है इसके अलावा एम पी में सरकार द्वारा प्रति वर्ष कार्यकर्ता सहायिका के मानदेय मे बढ़ोतरी का एग्रीमेंट कीया गया है जिसे छत्तीसगढ़ सरकार को भी लागु करना चाहिये, भविष्य निधि ग्रेजुएटी चिकित्सा खर्च आदि मांगो को लेकर रंगमंच सूरजपुर से कलेक्टर ऑफिस पहुचे,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका अखिल भारतीय आंगनबाडी कर्मचारी महासंघ नई दिल्ली के मुताबिक, यह प्रदर्शन सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से किया गया है, ताकि उनकी मांगें शीघ्र पूरी की जा सकें. सूरजपुर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संगठन की जिला महामंत्री चंदा राजवाड़े का कहना कि जब तक उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक 21,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाए
सरकार पर दबाव बनाने प्रदर्शन पर उतरे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो भविष्य में बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा. हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं लेना सरकार के लिए गंभीर स्थिति उत्पन्न कर सकती है.:
धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में बीएमएस जिला अध्यक्ष अमर सिंह आंगनबाड़ी कर्मचारी महासंघ जिला महामंत्री चंदा राजवाड़े जिला अध्यक्ष श्याममती देवांगन जिला मंत्री मधु विश्वकर्मा जिला कोषाध्यक्ष नीलम सिंह जिला उपाध्यक्ष सविता राजवाड़े जिला सदस्य फुलेश्वरी राजवाड़े सहित सैकड़ो की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका धरना प्रदर्शन में उपस्थित रहे
