सहायक शिक्षकों को वरिष्ठता के आधार पर मिले पदोन्नति:राकेश सेंकराज
सूरजपुर/ प्रदेश शिक्षक महासंघ जिला इकाई सूरजपुर अध्यक्ष राकेश सेंकराज एवं पदाधिकारियों ने शासन से मांग की है कि प्रदेश के कार्यरत सहायक शिक्षकों की पदोन्नति वरिष्ठता एवं पात्रता के आधार पर की जाए तथा पदोन्नति के लिए TET की अनिवार्यता को वर्ष 2028 तक स्थगित रखते हुए उसके बाद लागू किया जाए।
महासंघ का कहना है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में सहायक शिक्षक लंबे समय से विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें ऐसे शिक्षक भी हैं जिनकी नियुक्ति RTE अधिनियम, 2009 के प्रभावी होने से पूर्व की गई थी और जिन्होंने वर्षों तक विद्यालयों में अपनी सेवाएं देते हुए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। ऐसे अनुभवी शिक्षकों को केवल TET उत्तीर्ण न होने के आधार पर पदोन्नति से वंचित करना उनके सेवा-अनुभव, वरिष्ठता एवं वैधानिक अधिकारों के साथ न्यायसंगत नहीं होगा।
महासंघ ने मांग रखी है कि—
प्रधान पाठक प्राथमिक शाला के रिक्त पदों पर सहायक शिक्षकों की पदोन्नति वरिष्ठता क्रम से तत्काल की जाए।
लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को केवल TET के आधार पर पदोन्नति से वंचित न किया जाए।
TET की अनिवार्यता वर्ष 2028 के बाद लागू की जाए, ताकि वर्तमान कार्यरत शिक्षकों को परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए पर्याप्त अवसर मिल सके।
पदोन्नति प्रक्रिया में वरिष्ठता, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव एवं विभागीय पात्रता को प्राथमिक आधार बनाया जाए।
पदोन्नति से संबंधित दावा-आपत्ति का निराकरण पारदर्शी एवं न्यायपूर्ण तरीके से किया जाए।
शासन द्वारा वर्तमान में कार्यरत सहायक शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
प्रदेश शिक्षक महासंघ सूरजपुर जिलाध्यक्ष राकेश सेंकराज ने शासन एवं शिक्षा विभाग से अपील की है कि हजारों सहायक शिक्षकों की वर्षों की सेवा एवं वरिष्ठता को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, जिससे पदोन्नति प्रक्रिया में न्याय सुनिश्चित हो सके।
