नरोला में बंद पड़ा सामुदायिक शौचालय, स्वच्छता व्यवस्था पर उठे सवाल
सूरजपुर/प्रतापपुर:- सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है,लेकिन कई जगहों पर इनका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। ऐसा ही मामला जनपद पंचायत प्रतापपुर अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत नरोला से सामने आया है, जहां सामुदायिक शौचालय अधिकांश समय बंद रहने की शिकायतें मिल रही हैं।
ग्राम पंचायत नरोला में लाखों रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक शौचालय ग्रामीणों के लिए सुविधा बनने के बजाय शोपीस बनकर रह गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शौचालय अक्सर बंद रहता है,जिसके कारण जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए इस शौचालय का उद्देश्य गांव को खुले में शौच से मुक्त रखना था,लेकिन नियमित रूप से ताला लगे रहने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कत होती है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस सामुदायिक शौचालय को घनी आबादी से दूर बनाया गया है,
वहीं,ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सामुदायिक शौचालय को नियमित रूप से खुलवाया जाए तथा इसकी निगरानी के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए।
अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों की इस शिकायत पर पंचायत और प्रशासन कितना गंभीरता से ध्यान देता है और सामुदायिक शौचालय को आम लोगों के उपयोग के लिए नियमित रूप से कब तक उपलब्ध कराया जाता है
