खबर का असर:-शिक्षा विभाग एक्शन मुड़ में एक निलंबित दो कि कार्यवाही अनुसंशित तो एक का रोका वेतन
सूरजपुर – बीते कुछ दिनों से शिक्षा विभाग में शैक्षणिक कार्यों में लापरवाही बरतने से मची हलचल जिसने जिले की शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कितने सवाल खड़े किए गए शिक्षा व्यवस्था को तार-तार करने के मामले सामने आए,जहां अभी भी कुछ मामलों में जांच जारी है।

गौरतलब है कि हमने सबसे पहले शा.उ.मा.वि.मंजीरा की शिक्षिका द्वारा बच्चों का बस्ता खेत में फेंके जाने की खबर प्रमुखता से लगाई थी खबर प्रकाशित होने के तुरंत बाद ही विभाग द्वारा मामले की जांच हेतु टीम गठित कर जांच कराई गई थी। जांच टीम ने जांच कर मामले को सही पाया था,अब इसको लेकर शिक्षा विभाग एक्शन मुड़ में नजर आ रहा है,,, शिक्षकों की लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैए को लेकर अब जिला शिक्षा अधिकारी ने चार लापरवाह शिक्षक शिक्षिकाओं पर कार्यवाही की ही,,,
जहां SIR के कार्य में लगाए गए प्रा.शा.रामपुर कोडाकु पारा के प्रधान पाठक धर्मजीत आयाम को प्रतिदिन शराब पीकर कार्य करने के मामले में निलंबित कर दिया है,,वहीं शा.उ.मा.वि. मजीरा की अंग्रेजी व्याख्याता अनुराधा आशा कुजुर को कक्षा 11वीं के छात्रों के बस्तों को खेत में फेंकने के मामले में अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु संयुक्त संचालक को प्रस्ताव भेजा गया है,,और शास.मा.शा. अर्जुनपुर के शिक्षक शमशीर मंसूरी के विरुद्ध भी वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर संयुक्त संचालक को कार्यवाही हेतु प्रस्ताव भेजा गया है,तो वही प्रा.शा.पण्डोपारा सरसताल के प्रभारी प्रधानपाठक हीरा सिंह मरकाम को स्कूली समय में स्कूल बंद करने के मामले में दो वेतन वृद्धि अवरुद्ध कर दी गई है।
बहरहाल जहां सभी मामलों में विकास खण्ड शिक्षा अधिकारियों से मामले में जांच करा प्रतिवेदनों के आधार पर कार्यवाही कि गई है । ऐसे में देखने वाली बात होगी कि जिला शिक्षा अधिकारी तो लापरवाहों पर लगातार कार्यवाही किए जाने की बात कह रहे हैं,,,लेकिन शिक्षा व्यवस्था को पूर्ण रूप से मजबूत बनाने व आगे भी कड़ी कार्यवाही कि जाती है या चेतावनी दे छोड़ लापरवाहों का मनोबल बढ़ाया जाता है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा,,
