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“रक्षा बंधन पर सृजन स्कूल के बच्चों ने CISF जवानों संग बाँधी भाईचारे की डोर”
“08 अगस्त 2025 को बिश्रामपुर CISF कैम्प में हुए भावनात्मक और प्रेरणादायक मिलन ने बच्चों के जीवन में जोड़ा अनुशासन, समर्पण और अपनत्व का संदेश”

सुरजपुर/बिश्रामपुर, 08 अगस्त 2025 — रक्षा बंधन के पावन अवसर पर सृजन स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने बिश्रामपुर स्थित केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) कैम्प का विशेष दौरा किया। यह आयोजन केवल एक त्योहार मनाने तक सीमित नहीं था, बल्कि हमारे बहादुर जवानों के साथ प्रेम, सम्मान और भाईचारे का संदेश साझा करने का एक सजीव उदाहरण बना।

CISF टीम के प्रमुख टी. श्रीनिवासु के नेतृत्व में कैम्प ने बच्चों के स्वागत के लिए शानदार तैयारियाँ की थीं। बच्चों ने आत्मीयता से जवानों की कलाई पर राखियाँ बाँधीं और उनकी गर्मजोशी से भरी मेहमाननवाज़ी का आनंद लिया। मौके पर स्वादिष्ट भोजन, मिठाइयाँ और बच्चों के लिए विशेष उपहारों की व्यवस्था ने इस मिलन को और भी यादगार बना दिया।

अपने प्रेरक संबोधन में टी.श्रीनिवासु ने अनुशासन और समर्पण के महत्व पर प्रकाश डाला तथा अपनी जीवन-यात्रा के प्रेरणादायक अनुभव बच्चों के साथ साझा किए। उनकी बातें न केवल बच्चों को जीवन में लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने की सीख दे गईं, बल्कि उनके भीतर सेवा और प्रतिबद्धता का भाव भी गहरा कर गईं।

देश की रक्षा में निरंतर तैनात ये वीर जवान, जो अपने परिवारों से दूर रहकर सेवा कर रहे हैं, बच्चों की उपस्थिति से भावुक हो उठे। मासूम मुस्कानों, राखियों की कोमल डोर और स्नेह से भरे शब्दों ने उनके दिलों में घर जैसी गर्माहट भर दी। यह मिलन त्योहार के उस असली अर्थ का जीवंत रूप बन गया, जिसमें प्रेम, कृतज्ञता और साथ रहने का भाव निहित है।

सृजन स्कूल का मानना है कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों, संवेदनाओं और समाज से जुड़ाव को भी संजोना है। इस कार्यक्रम ने बच्चों को यह अनुभव कराया कि त्योहारों का आनंद साझा करने से ही उनका महत्व और बढ़ता है, विशेषकर उनके साथ जो हमारे लिए निःस्वार्थ सेवा कर रहे हैं।

विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती खुशी गुप्ता के नेतृत्व में, शिक्षकों सुश्री सोनिया दास, सुश्री रहिसा अंसारी, आसिफ़ खान और आर्यन चौबे ने बच्चों को इस अवसर के लिए तैयार करने में विशेष योगदान दिया। उनका मार्गदर्शन और समर्पण कार्यक्रम की सफलता और बच्चों की सीख, दोनों में समान रूप से झलकता है।

इस अवसर पर प्राचार्या श्रीमती खुशी गुप्ता ने कहा —
“हम चाहते हैं कि सृजन के बच्चे केवल अच्छे विद्यार्थी नहीं, बल्कि संवेदनशील इंसान बनें; क्योंकि ज्ञान से जो दीपक जलता है, वह पूरे समाज को रोशन करता है।”

यह दौरा बच्चों के जीवन में भावनाओं और सीख का ऐसा मील का पत्थर बन गया, जिसे वे सदैव संजोकर रखेंगे।

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