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शिक्षा विभाग के नियमों की अनदेखी पर फूटा शिक्षकों का गुस्सा,शिक्षक साझा मंच ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन


सूरजपुर/प्रेमनगर – शिक्षक साझा मंच ने सरकार के समक्ष अपनी चार प्रमुख मांगों को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद की है। नियम विरुद्ध युक्तियुक्तकरण को निरस्त करने,क्रमोन्नति का जनरल आर्डर, पूर्व सेवा का गणना करते हुये पेंशन देने तथा बीएड की अनिवार्यता में छूट की मांग करते हुए शिक्षक साझा मंच ब्लाक संचालक‌ कमलेश्वर प्रसाद यादव, राम बरन सिंह, राम लल्लू साहू, विजय साहू और पुष्पराज पांडेय के नेतृत्व में प्रेमनगर ब्लाक मुख्यालय जनपद के सामने से तहसील कार्यालय प्रेमनगर तक रैली निकालकर तहसीलदार को मुख्यमंत्री महोदय,शिक्षा सचिव महोदय और संचालक महोदय लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर के नाम ज्ञापन सौंपा । यह ज्ञापन केवल एक मांगपत्र नहीं बल्कि शिक्षकों की पीड़ा की गूंज है, जो अब‌ आंदोलन का रूप ले ली है। ब्लाक संचालक कमलेश्वर प्रसाद यादव ने बताया कि एक ओर शासन द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी प्रशासन की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर सूरजपुर जिले में युक्तियुक्तिकरण 02 अगस्त 2024 को जारी युक्तियुक्तकरण आदेश को लेकर साझा मंच के पदाधिकारियों ने गंभीर विसंगतियों और धांधली के आरोप लगाए हैं । 2008 में वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत पदों के अनुरूप युक्तियुक्तकरण नहीं किया गया, जिससे शिक्षकों की नियुक्ति असंतुलित, अनुचित व पक्षपातपूर्ण हुई है। ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया कि दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही हो और युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को तत्काल निरस्त किया जाए। इसके साथ ही शिक्षक श्रीमती सोना साहू को माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा W.A. 261/2023 प्रकरण में 28 फरवरी 2024 को पारित निर्णय के अनुसार पूर्व सेवा की गणना कर क्रमोन्नत वेतनमान व एरियर्स का भुगतान किया गया । साझा मंच ने मांग की है कि यह लाभ प्रदेश के सभी पात्र शिक्षकों को दिया जाए और शासन जनरल आर्डर जारी करे। शिक्षकों ने यह भी जोर देकर कहा कि एल.बी. संवर्ग को प्रथम नियुक्ति तिथि से पूर्व सेवा की गणना कर पेंशन, ग्रेच्युटी व सेवानिवृत्ति लाभ दिए जाएं। वर्तमान स्थिति में पूर्व सेवा को नजर अंदाज करना संविधान और न्यायालय दोनों का उल्लंघन है। एल.बी. संवर्ग के शिक्षक वर्षों से डी.एड. योग्यता के साथ कार्यरत हैं,परंतु पदोन्नति में बीएड की शर्त से बड़ी संख्या में शिक्षक वंचित हो रहे है । पूर्व में डीएड के आधार पर भी व्याख्याता व प्राचार्य बने हैं, अब नया भेदभाव क्यों ? यह सवाल शिक्षक संगठनों ने उठाया है । साथ ही, प्राचार्य के सीधी भर्ती के 10% पदों को विभागीय परीक्षा से भरने की मांग भी की गई। साझा मंच ने कहा कि यदि शासन इन मांगों पर त्वरित निर्णय नहीं लेता, तो शिक्षकों को विरोध प्रदर्शन व आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। शिक्षक साझा मंच ने आशा जताई है कि शासन इस विषय को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई करेगा और भविष्य में इस प्रकार की परिस्थितियों से बचने के लिए सुस्पष्ट, पारदर्शी और न्यायसंगत व्यवस्था लागू की जाएगी। इस अवसर पर अवसर पर ब्लाक संचालक कमलेश्वर प्रसाद यादव,रामबरन सिह,राम लल्लू साहू, विजय साहू, अरविंद पांडेय, दिनेश अर्गल,सुनिल निकुंज, ओमप्रकाश साहू, नकुल प्रसाद कुर्रे,लक्षमण सिंह, टहल राम सिंह, आदित्य ध्रुव,अमरजीत यादव, रामस्नेही साहू,डीसी प्रसाद, शिवप्रसाद सिंह,बनवारी यादव, सुखदेव सिंह, तिलक राम, लालदेव टेकाम, रुप चंद्र सिदार श्रीमती कुसुम सिंह, दीपमाला दास, रुमारानी मंडल, तेरेसा खलखो, ऊषाकिरण कुजूर, शशि लकड़ा, सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।

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