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बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का हुआ शुभारंभ

-बाल विवाह की रोकथाम और इसके दुष्परिणामों के प्रति समुदाय को जागरूक करना हो प्राथमिकता – कलेक्टर

-’बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के सफल क्रियान्वयन को लेकर ली गई बैठक

– रोकथाम के उपायों व अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की गई चर्चा

सूरजपुर/27 नवंबर 2024/ बाल विवाह मुक्त भारत राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ आज किया गया है। जिले में इससे सफल क्रियान्वयन व सम्पादन हो इसके लिए कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक का उद्देश्य बाल विवाह की रोकथाम और इसके दुष्परिणामों के प्रति समुदाय को जागरूक करना था। बाल विवाह से संबंधित कानून व रोकथाम के विषय पर जानकारी देने व चर्चा हेतु युनिसेफ से राज्य बाल संरक्षण विशेषज्ञ श्रीमती चेतना देसाई व राज्य सलाहकार श्री अभिषेक त्रिपाठी बैठक में उपस्थित हुए थे। बाल विवाह कुरूति पर अंकुश लगाने के लिए घटनाओं की प्रभावी रिपोर्टिंग व जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर वृहद चर्चा की गई। कलेक्टर ने उपस्थित संबंधित अधिकारियों को योजनाबद्ध तरीके से युद्ध स्तर पर कार्य करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये। जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम कराने के लिए निर्देशित किया। इसके साथ ही उन्होने बाल विवाह की रोकथाम और इसके दुष्परिणामों के प्रति समुदाय को जागरूक करने की बात को प्राथमिकता देने की बात कहीं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रमेश साहू बताया कि बाल विवाह मुक्त भारत राष्ट्रीय अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्राम पंचायतों में विशेष बैठकें आयोजित होंगी। इन बैठकों के माध्यम से समुदाय को बाल विवाह के सामाजिक, शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रचार-प्रसार के लिए दीवार लेखन और अन्य माध्यमों का भी उपयोग किया जाएगा।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री मनोज जायसवाल ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के प्रमुख लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों को इसमें शामिल करने की योजना है। बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने हेतु आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और पंचायतों के सहयोग से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

जिला प्रशासन और महिला बाल विकास विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने कहा कि बाल विवाह केवल एक कानूनी अपराध नहीं है, बल्कि यह बच्चों के अधिकारों और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री राम ललित पटेल,डी डी पंचायत श्री ऋषभ सिंह, सिविल सर्जन डॉ अजय मरकाम, यूनिसेफ़ के जिला समन्वयक श्री प्रथमेश मानेकर व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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