कोयला खदानों से कोयला चोरी का धंधा जारी, पुलिस की कार्रवाई हर बार की तरह खानापूर्ति तो नही?
सूरजपुर/:– जिले की कोयला खदानों से लंबे समय से चल रही संगठित चोरी और तस्करी के खिलाफ आखिरकार एक बार फिर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई का ढोल पीटा है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई अवैध कोयला तस्करी पर लगाम लगाने की गंभीर पहल है, या फिर हर बार की तरह यह भी खानापूर्ति बनकर रह जाएगी?
शनिवार को सूरजपुर पुलिस ने गेतरा स्थित गायत्री कोल माइंस में दबिश देकर 55 टन अवैध कोयला, दो हाईवा ट्रक, एक जेसीबी मशीन, एक कार, एक मोटरसाइकिल और 1 लाख 14 हजार रुपये नगद जब्त करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए कोयले की अनुमानित बाजार कीमत करीब 2 लाख 40 हजार रुपये बताई गई है। मुख्य आरोपी आदर्श जायसवाल को गिरफ़्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
सूचना के आधार पर हुई छापेमारी
दिनांक 31 मई को पुलिस को मोबाइल पर सूचना मिली कि गेतरा गायत्री खदान में चोरी का कोयला जेसीबी के जरिए हाईवा ट्रकों में लोड किया जा रहा है। सूचना पाकर थाना सूरजपुर की टीम तत्काल मौके पर पहुंची, जहां जेसीबी (क्रमांक CG15 AC 0882) से हाईवा ट्रकों में कोयला भरते हुए आरोपी आदर्श जायसवाल और उसके साथी पाए गए।
एक ट्रक (CG15 AC 4616) में 25 टन और दूसरे (CG15 AC 4206) में 30 टन कोयला पहले से लोड था। आरोपी आदर्श ने अपने मजदूर ईश्वर सिंह को मोटरसाइकिल से निगरानी के लिए लगाया था, जबकि स्वयं किया कार से पूरे ऑपरेशन पर नजर रख रहा था। पूछताछ में आरोपी कोई वैध बिल, रसीद, पास या परमिट प्रस्तुत नहीं कर सका।
पुलिस की सख्ती या महज़ ‘ खानापूर्ति’?
यह पहली बार नहीं है जब सूरजपुर और आसपास के इलाकों में कोयला चोरी का बड़ा मामला सामने आया हो। वर्षों से कोयले की अवैध तस्करी खुलेआम जारी है। चोरी का कोयला चिमनी ईंट भट्टों और अवैध मंडियों में खपाया जा रहा है। हर कुछ महीनों में एकाध कार्रवाई होती है,जिसके बाद फिर सबकुछ ‘जैसे का तैसा’ चलता रहता है।
जनता का सवाल है–
० क्या इन कोयला माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है?
० क्या पुलिस प्रशासन के कुछ हिस्से इस खेल में मौन भागीदार हैं?
पुलिस का दावा, कार्रवाई जारी रहेगी
डीआईजी व एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने जिले के सभी थाना प्रभारियों को अवैध कारोबार पर पूर्णतः अंकुश लगाने के निर्देश दिए हैं। सूरजपुर थाना प्रभारी विमलेश दुबे के नेतृत्व में विश्रामपुर थाना प्रभारी अलरिक लकड़ा, एएसआई नंदलाल सिंह, प्रधान आरक्षक जयप्रकाश तिवारी, साइबर सेल सहित पूरी टीम सक्रिय रही।
गिरफ्तार आरोपी
आदर्श जायसवाल, ग्राम करंजी, ईश्वर सिंह, ग्राम राजापुर, रामचंद्र यादव, ग्राम तेलईकछार, रमेन्द्र यादव, ग्राम केनापारा
इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 331(4), 305(ई) तथा खनिज (विनियमन और विकास) अधिनियम 1957 की धारा 21(1) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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सबसे अहम सवाल – क्या भविष्य में ऐसी तस्करी पर पूर्ण विराम लगेगा या फिर यह स्याह कारोबार यूं ही धधकता रहेगा?
