कोयलांचल में यूनियन सदस्यता सत्यापन तेज, HMS के सामने बढ़ी चुनौती
छत्तीसगढ़। कोयला खदान क्षेत्रों में श्रमिक संगठनों की ताकत का आकलन करने वाली सदस्यता सत्यापन प्रक्रिया इन दिनों जोर पकड़ रही है। SECL के अलग-अलग क्षेत्रों में BMS, INTUC, AITUC और HMS सहित श्रमिक संगठनों के बीच सदस्यता को लेकर मुकाबला जारी है। इसी बीच कुसमुंडा क्षेत्र से सामने आए आंकड़ों ने HMS की स्थिति को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
कुसमुंडा AHQ में 2 सितंबर को हुए यूनियन सिंगल मेंबरशिप वेरिफिकेशन में कुल 169 सदस्य दर्ज हुए। इनमें BMS को सर्वाधिक 72 वोट मिले, जबकि INTUC को 50 और AITUC को 37 वोट मिले। वहीं HMS से जुड़े दो अलग-अलग धड़ों को बेहद कम समर्थन मिला। KMS/HMS के खाते में महज 9 वोट, जबकि KMP/HMS को सिर्फ 1 वोट मिला।
आंकड़ों के मुताबिक कुल 169 मतों में BMS की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही। इसके बाद INTUC और AITUC का स्थान रहा। दूसरी ओर HMS से जुड़े दोनों धड़ों को मिलाकर भी सिर्फ 10 वोट मिले।
दरअसल, भटगांव और आसपास के कोयलांचल क्षेत्र में HMS लंबे समय से श्रमिकों के बीच अपनी मजबूत पकड़ के लिए जानी जाती रही है। लेकिन संगठन के भीतर विभाजन के बाद KMS/HMS और KMP/HMS जैसे अलग-अलग गुट सामने आने से अब HMS की ताकत और संगठनात्मक पकड़ को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अब सबकी निगाहें SECL के भटगांव और विश्रामपुर क्षेत्र पर टिकी हैं। यहां होने वाले सदस्यता सत्यापन में HMS अपनी पुरानी स्थिति कितनी बरकरार रख पाती है और संगठन के विभाजन का कितना असर पड़ता है, यह आने वाले आंकड़े तय करेंगे।
कुसमुंडा के आंकड़ों ने फिलहाल इतना जरूर संकेत दिया है कि HMS के लिए आगे की सदस्यता सत्यापन प्रक्रिया आसान नहीं रहने वाली है और KMS तथा KMP जैसे अलग हुए गुट उसकी चुनौती को और बढ़ा सकते हैं।
