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तहसीलदार के स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण का आरोप, कलेक्टर से शिकायत कर कार्रवाई की मांग

सूरजपुर/रामानुजनगर।
रामानुजनगर तहसील के ग्राम छिन्दिया में भूमि विवाद का मामला एक मामला चर्चा में है।

आवेदक बालेश्वर ने कलेक्टर सूरजपुर को शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि उनकी स्वामित्व वाली भूमि पर तहसीलदार के स्थगन आदेश के बावजूद अनावेदक द्वारा जबरन मकान का निर्माण कराया गया। शिकायत में आरोप है कि निर्माण कार्य रोकने का आदेश होने के बाद भी दिन-रात मजदूर लगाकर तेजी से निर्माण पूरा कर लिया गया।

शिकायत के अनुसार ग्राम छिन्दिया की संयुक्त खातेदारी भूमि के खसरा नंबर 2067, रकबा 0.1100 हेक्टेयर पर अनावेदक ने जबरन कब्जा करने का प्रयास किया। विरोध करने पर कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी गई और कहा गया कि “जहां शिकायत करनी है कर दो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”
मामले को लेकर आवेदक ने पूर्व में तहसीलदार रामानुजनगर के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। इस पर 11 जून 2026 को तहसीलदार ने स्थगन आदेश जारी करते हुए संबंधित भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए थे। साथ ही अनावेदक को 16 जून 2026 को न्यायालय में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया था। आदेश की प्रति थाना प्रभारी रामानुजनगर और संबंधित हल्का पटवारी को भी पालन एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई थी।

आवेदक का आरोप है कि न्यायालय के आदेश की खुलेआम अवहेलना करते हुए निर्माण कार्य लगातार जारी रखा गया और मकान का निर्माण लगभग पूरा कर लिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि थाना और राजस्व अमले द्वारा न्यायालय के आदेश का प्रभावी पालन नहीं कराया गया, जिससे अनावेदक को निर्माण पूरा करने का अवसर मिल गया।

अब आवेदक ने कलेक्टर सूरजपुर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने,न्यायालय के स्थगन आदेश की अवमानना करने वालों पर कार्रवाई करने, अवैध निर्माण हटाने तथा अपनी भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग की है।

फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित विभाग की जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

इस मामले में हल्का पटवारी अरविंद एक्का ने फोन के माध्यम से पूछे जाने पर कहा मामला न्यायालय में है ज्ञापन जारी होने के बाद ही कुछ कर सकते हैं।

वही इस पूरे प्रकरण पर रामानुजनगर तहसीलदार से फोन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

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