सूरजपुर वन मंडल में दो चीतलों की मौत, अलग-अलग घटनाओं से मचा हड़कंप; वन विभाग ने शुरू की जांच

सूरजपुर/रामानुजनगर।
सूरजपुर वन मंडल के रामानुजनगर रेंज में अलग-अलग घटनाओं में दो चीतलों की मौत का मामला सामने आया है। लगातार हुई इन घटनाओं ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। दोनों मृत चीतलों का पोस्टमार्टम कर नियमानुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया है, जबकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए जांच जारी है।
प्रारंभिक जानकारी और सूत्रों के मुताबिक एक चीतल पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया था,जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं दूसरी घटना में एक अन्य चीतल सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया। आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से उसकी जान चली गई।
घटनाओं की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए दोनों चीतलों का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। विभाग अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रहा है।
इस मामले के जांच में शामिल सूरजपुर वन परिक्षेत्र के रेंजर उमेश वस्त्रकार, ने एक चीतल की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है तथा मामले की जांच जारी है।
वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि वन क्षेत्रों के आसपास आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों का आवागमन वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने वन विभाग और प्रशासन से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, आवारा कुत्तों पर नियंत्रण तथा वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
वन विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। यदि सड़क दुर्घटना में किसी वाहन की संलिप्तता सामने आती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लगातार दो चीतलों की मौत ने एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि वन क्षेत्रों के आसपास सुरक्षा उपायों को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
