बीईओ रामानुजनगर पर मध्याह्न भोजन संचालक समूह ने लगाया रिश्वत लेने का आरोप
सुरजपुर/रामानुजनगर :– विकासखंड शिक्षा अधिकारी रामानुजनगर पंडित भारद्वाज पर महिला स्व सहायता समूह ने लगाया रिश्वत मांगे जाने का आरोप जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर ने जांच दल गठित कर जांच रिपोर्ट मंगाया है । खंड शिक्षा अधिकारी रामानुजनगर कई विवादों में घिरे रहते हैं, प्राप्त जानकारी के अनुशार रामानुजनगर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी पंडित भारद्वाज पर विद्यालयों में मध्यान भोजन संचालित करने वाले स्वयं सहायता समूह ने कुकिंग कास्ट की राशि आहरण करने के बदले में पैसा लिए जाने का आरोप लगा करके जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर को शिकायत पत्र दिया है। दुर्गा महिला स्व सहायता समूह मकरबंधा की अध्यक्ष श्रीमती फूलकुंवर ने गत 20 नवंबर को जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर को शिकायत कर उल्लेख किया है कि कुकिंग कास्ट की राशि जो बैंक से आहरण होता है उस पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी का हस्ताक्षर अनिवार्य है, तभी बैंक से पैसा निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा राशि आहरण प्रस्ताव पर हस्ताक्षर के एवज में विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने दिनांक 05 मार्च एवं 25 अगस्त 2024 को 1000/1000 रु लेकर के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए है। बैंक से कुकिंग कास्ट की राशि का आहरण के लिए स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को हस्ताक्षर कराने के लिए चार-पांच दिन ऑफिस का चक्कर लगाना पड़ता है तभी खंड शिक्षा अधिकारी से मुलाकात हो पाती हैं। रिश्वत देने पर ही हस्ताक्षर किया जाता है।
खंड शिक्षा अधिकारी का हस्ताक्षर कुकिंग कास्ट आहरण प्रस्ताव पर आवश्यक क्यों है?
विकासखंड रामानुजनगर में 146 स्व सहायता समूह मध्यान भोजन का संचालन कर रहे हैं। दो या तीन माह में जब भी समूह के खाते में कुकिंग कास्ट का पैसा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से रिलीज होता है तो खंड शिक्षा अधिकारी मध्याह्न भोजन लाभान्वित छात्रों की उपस्थिति के अनुसार समूह के खाता में लागत राशि ट्रांसफर करते हैं, जब समूह अपने पैसे का आहरण खाता से करना चाहते हैं तो विड्राल के साथ-साथ समूह का प्रस्ताव पत्र भी लगता है खंड शिक्षा अधिकारी रामानुजनगर ने 28 अक्टूबर 2024 को सभी बैंकों को एक पत्र लिख करके सुनिश्चित किया है कि समूहों के आहरण प्रस्ताव में जब तक खंड शिक्षा अधिकारी रामानुजनगर के हस्ताक्षर एवं सील ना हो पैसे का आहरण नहीं किया जाए। जबकि प्राप्त जानकारी के अनुसार पता चला है कि खंड शिक्षा का हस्ताक्षर अनिवार्य नहीं है,अधिकारी के इस आदेश के अनुसार केवल प्रस्ताव और विड्रॉल पर बैंक समूह को कुकिंग कास्ट की राशि नहीं देते हैं।
डीईओ ने शिकायत पर गठित किया जांच दल —
जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर ने प्राप्त शिकायत पर जांच के लिए दो सदस्यीय जांच दल का गठन किया है जिसमें सहायक संचालक शिक्षा सूरजपुर श्रीमती लता बेक एवं वरिष्ठ प्राचार्य श्री लेफ सिंह, बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सूरजपुर को जांच का जिम्मा दिया गया है। जांच दल गत 19 दिसंबर को शिकायतकर्ता समूह के पास पहुंचकर बयान आदि दर्ज कराया है तथा मामले की जांच अन्य समूह तक किया है, संभवत एक दो दिन बाद जिला शिक्षा अधिकारी को जांच रिपोर्ट प्रस्तुत किया जा सकता है।
जिला शिक्षा अधिकारी क्या निर्णय लेते हैं? —
वैसे तो विकासखंड शिक्षा अधिकारी पंडित भारद्वाज भ्रष्टाचार एवं कमीशन खोरी के कई मामलों के आरोपी हैं। इनकी शिकायत विभाग, जिला प्रशासन एवं कमिश्नर तक की जा चुकी है विकास खंड शिक्षा अधिकारी का उच्च अधिकारियों के बीच गहरी पैठ है इसलिए जांच के नाम से केवल खाना पूर्ति ही होती है, और जांच की फाइलें धूल खा रही है। इस जांच में भी खंड शिक्षा अधिकारी पर कोई बड़ी कार्यवाही होगी इसकी उम्मीद करना बेमानी है। फिलहाल जिला शिक्षा अधिकारी इस संबंध में क्या निर्णय लेते हैं आने वाला समय ही बताएगा।
उक्त विषय पर सूरजपुर जिला शिक्षा अधिकारी राम ललित पटेल ने कहा कि स्वयं सहायता समूह एवं साला जतन योजना में हुई गड़बड़ी के लिए एक टीम बनाई गई है टीम द्वारा जांच रिपोर्ट देने के पश्चात कार्रवाई की जाएगी
