बीईओ द्वारा मितव्ययिता निर्देशों की अनदेखी ? जोनवार समीक्षा बैठकों पर शिक्षक संघ ने उठाए सवाल
सूरजपुर – छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय व्यय में नियंत्रण एवं वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी मितव्ययिता संबंधी निर्देशों के बीच सूरजपुर विकासखंड में आयोजित की जा रही जोनवार भौतिक समीक्षा बैठकों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए जिला शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
संघ का कहना है कि वित्त विभाग द्वारा 15 मई 2026 को जारी निर्देशों में अनावश्यक बैठकों एवं अतिरिक्त व्यय पर नियंत्रण रखने, साथ ही ऑनलाइन एवं वैकल्पिक माध्यमों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। इसके बावजूद विकासखंड शिक्षा अधिकारी सूरजपुर द्वारा विभिन्न जोनों में अलग-अलग भौतिक समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें प्राचार्यों, संकुल समन्वयकों एवं प्रधान पाठकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
शालेय शिक्षक संघ ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि जिले के अन्य विकासखंडों में संकुल समन्वयकों की बैठक लेकर आवश्यक समीक्षा एवं मॉनिटरिंग का कार्य किया जा रहा है, जबकि केवल सूरजपुर विकासखंड में जोनवार बैठकें आयोजित कर बड़ी संख्या में प्राचार्य, संकुल समन्वयक एवं प्रधान पाठकों को विभिन्न स्थानों पर उपस्थित होने के लिए बाध्य किया जा रहा है। इससे न केवल समय और संसाधनों की अतिरिक्त खपत हो रही है, बल्कि शासन की मितव्ययिता नीति की भावना पर भी प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
संघ के जिलाध्यक्ष यादवेन्द्र कुमार दुबे ने कहा कि जब शासन स्वयं अनावश्यक खर्चों में कटौती और कार्यों के सरलीकरण पर जोर दे रहा है, तब एक ही समीक्षा कार्य के लिए अलग-अलग भौतिक बैठकों का आयोजन औचित्यहीन प्रतीत होता है। उन्होंने मांग की कि समीक्षा कार्य संकुल स्तर अथवा ऑनलाइन माध्यम से संपादित कराया जाए, जिससे शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित हो सके और शिक्षकों को अनावश्यक प्रशासनिक एवं आवागमन संबंधी बोझ से राहत मिले।
शिक्षक संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी से मामले की निष्पक्ष समीक्षा कर जोनवार समीक्षा बैठकों को स्थगित करने तथा शासन की मितव्ययिता नीति के अनुरूप आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। अब निगाहें जिला शिक्षा अधिकारी के निर्णय पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं।
