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भक्ति की धारा में डूबा पटना गांव:11 कुण्डीय विष्णु महायज्ञ व भागवत कथा से गूंजा आस्था का स्वर

सूरजपुर।प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी का गृहग्राम पटना इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का जीवंत केंद्र बन गया है। ग्राम पंचायत पटना के पावन गंवहा सरना प्रांगण में 19 जनवरी से आयोजित श्री श्री 11 कुण्डीय विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ ने पूरे गांव ही नहीं, आसपास के अंचलों को भी भक्ति रस से सराबोर कर दिया है। यज्ञ वेदी से उठती अग्नि की लौ, मंत्रोच्चार की गूंज और श्रद्धालुओं की आस्था-हर दृश्य मन को भीतर तक छू रहा है।

महायज्ञ में प्रतिदिन तड़के से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। वेदी पर आहुतियां समर्पित करते भक्त, हाथों में फूल-अक्षत लिए स्त्री-पुरुष और बच्चों के मुख पर दिखती श्रद्धा-मानो पूरा गांव एक साथ ईश्वर भक्ति में लीन हो गया हो।
इस विराट आयोजन में श्री श्री 108 (त्यागी) नागा बाबा रामदास जी महाराज (वाराणसी) तथा श्रीमद् भागवताचार्य अरुणाचार्य महाराज (श्रीधाम वृन्दावन) का पावन सानिध्य प्राप्त हो रहा है। संतों के ओजस्वी प्रवचनों और यज्ञीय मंत्रों से वातावरण में दिव्यता का संचार है। कुलमिलाकर पटना गांव में यज्ञ की अग्नि और कथा की वाणी ने ऐसा आध्यात्मिक आलोक रचा है कि हर मन श्रद्धा से पुलकित है—यह केवल आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति की जीवंत यात्रा है।

दोपहर में भागवत, रात में रामलीला

आयोजन के तहत प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा का भावपूर्ण वाचन हो रहा है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं से लेकर गीता-तत्त्व तक का रसास्वादन कराते प्रवचन श्रोताओं को भाव-विभोर कर रहे हैं।
वहीं रात्रि में श्रीराम लीला का भव्य मंचन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है-मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के चरित्र से प्रेरणा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

26 को पूर्णाहुति, 27 को विशाल भंडारा

कार्यक्रम के अनुसार 26 जनवरी को महायज्ञ की पूर्णाहुति एवं भागवत कथा का समापन होगा। इसके अगले दिन 27 जनवरी को तर्पण एवं विशाल भंडारे का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

परंपरा, सहभागिता और समरसता का संदेश

यह धार्मिक आयोजन विधायक भूलन सिंह मरावी की पहल व मार्गदर्शन तथा ग्रामवासियों के सामूहिक सहयोग से संपन्न हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों पुरानी यह परंपरा इस वर्ष अपने शिखर पर है। आयोजन ने पटना गांव और आसपास के क्षेत्रों में भक्ति, सद्भाव और सामाजिक समरसता का संदेश फैलाया है-जहां हर वर्ग, हर आयु के लोग एक सूत्र में बंधकर आस्था का उत्सव मना रहे हैं।

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