महंगाई भत्ता,लंबित एरियर्स सहित अन्य 11 सूत्रीय मांगों को लेकर अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन की हड़ताल,

सूरजपुर/मंहगाई भत्ता, लंबित एरियर्स समेत 11 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ अधिकारी- कर्मचारी फेडरेशन द्वारा आज प्रदेश स्तर पर हड़ताल का आयोजन किया गया। हड़ताल में सभी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। जिले में भी हड़ताल को लेकर अधिकारी एवं कर्मचारी का व्यापक समर्थन रहा। 11 सूत्रीय मांगों को समर्थन देने के लिए रैली भी निकाली गई जिसमें बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारियों ने मोदी की गारंटी के तहत उनके मांगों को पूरा करने के लिए अपनी आवाल बुलंद की। इस अवसर पर फेडरेशन के जिला संयोजक डॉ आर.एस. सिंह के साथ भारी संख्या में जिले के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।
11 सूत्रीय मांगेः-
- मोदी की गारंटी अनुसार प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता (डीए) एवं महंगाई राहत (डीआर) दिया जाए।
- मोदी की गारंटी अनुसार वर्ष 2019 से लंबित डीए एरियर्स की राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित की जाए।
- प्रदेश के लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवगों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए।
- प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान कमशः 8,16,24,32 वर्ष में दिया जाए।
- सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को भी त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए तथा नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति दिया जाय।
- प्रदेश में अन्य भाजपा शासित राज्यों की भांति प्रदेश में कैशलेस सुविधा लागू की जाए।
- प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति निःशर्त लागू करने स्थायी आदेश जारी जारी किया जाये। वर्तमान में 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त करते हुए सीधी भर्ती के समस्त पदों पर अनुकंपा
नियुक्ति दिया जाए। - मध्यप्रदेश की भांति प्रदेश में अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए।
- प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए समस्त सेवा लाभ दिया जाय। साथ ही प्रदशे के पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाये।
- प्रदेश के विभिन्न विभागों में सेटअप पुनरीक्षित नहीं होने के कारण अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 85 वर्ष की जाये।
- प्रदेश में कार्यरत कार्यभारित, दैनिक वेतन भोगी, अनियमित, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करते हुए नियमित पदस्थापना में नियुक्त किया जाये।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन से संबद्ध 120 मान्यता एवं गैर मान्यता प्राप्त संगठनों के द्वारा उपरोक्त मांगों को लेकर आज दिनांक 22 अगस्त 2025 को कलम बंद काम बंद आंदोलन के तहत सामुहिक अवकाश लेकर जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया गया । सरकार द्वारा अनिर्णय की स्थिति में फेडरेशन अनिश्चितकालीन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

ज्ञापन देने वालों में जिला संयोजक डॉ आर एस सिंह,श्रीमती प्रतिमा सिंह जिला संयोजक(महिला प्रकोष्ठ),जिला महासचिव इकबाल अंसारी, सचिन त्रिपाठी उप संयोजक,श्रीमती ज्योति साधना श्रीवास्तव जिला सचिव (महिला प्रकोष्ठ),,आदित्य शर्मा कोषाध्यक्ष,अनुरंजन देव उप संयोजक,निर्मल भट्टाचार्य उप संयोजक, विजय साहू उप संयोजक,मनीष दीपक साहू उप संयोजक, महेश पैकरा उप संयोजक, गोपाल विश्वकर्मा उप संयोजक, आदेश रवि उप संयोजक, रमेश राजवाड़े व राधेश्याम साहू जिला मीडिया प्रभारी ,ब्लॉक संयोजक प्रतापपुर राजकुमार सिंह, ब्लॉक संयोजक प्रेमनगर कमलेश यादव,ब्लॉक संयोजक ओड़गी प्रदीप सिंह ,ब्लॉक संयोजक भैयाथान सतीश प्रताप सिंह
सहित सैकड़ों कर्मचारी अधिकारी उपस्थित थे।
