सड़क निर्माण पर ग्रामीणों ने उठाई आवाज तो पीडब्ल्यूडी एसडीओ ने कराई एफआईआर ग्रामीणों ने कलेक्टर-एसपी को सौंपा ज्ञापन,उग्र आंदोलन की चेतावनी
सूरजपुर/रामानुजनगर:– जिले के रामानुजनगर विकासखंड अंतर्गत पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में निर्धारित 7 मीटर मापदंड को लेकर ग्रामीणों में गहरा असंतोष फैल गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं हो रहा, जिससे गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है।
इस मुद्दे को लेकर जब ग्रामीणों ने संबंधित एसडीओ से सवाल-जवाब किए, तो बात इतनी बढ़ गई कि मौके पर आपसी बहस और कहासुनी शुरू हो गई। सूचना मिलते ही कांग्रेस नेता चंद्रदत्त दुबे मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता करने का प्रयास किया। लेकिन हालात काबू में आने की बजाय और बिगड़ गए। बताया जा रहा है कि PWD के एसडीओ आपा खो बैठे और गुस्से में सभी ग्रामीणों को जेल भिजवाने की धमकी देने लगे।
बात यहीं नहीं थमी — एसडीओ सीधे रामानुजनगर थाने पहुंचे और ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी। बिना किसी निष्पक्ष जांच और मौके की वस्तुस्थिति समझे ही एफआईआर दर्ज हो जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
प्रकरण को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण पूर्व जिला पंचायत सदस्य पंकज तिवारी के निवास पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद श्री तिवारी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कलेक्टर सूरजपुर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यह मांग की गई कि बिना जांच के दर्ज की गई एफआईआर को तत्काल रद्द किया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यदि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच थोड़ी बहुत कहा-सुनी को लेकर एफआईआर दर्ज होती रही, तो आने वाले समय में प्रशासन और आम जनता के संबंधों में भारी अविश्वास उत्पन्न होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन का यही रवैया रहा तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
इस दौरान नितेश दुबे, अमर सिंह, शुभम यादव, अवधेश सिंह, प्रकाश सिंह, उत्तम यादव, अभिषेक गुप्ता, अम्बे लाल यादव, बृजेश यादव, ओमप्रकाश, तारकेश्वर रामेश्वर यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
